अरुण कुमार एवं डॉ. एस. मधुप (त्वचा एवं सौंदर्य विशेषज्ञ) ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी करते हुए बिहार के बुद्धिजीवी वर्ग, युवाओं तथा कोइरी, कुर्मी सहित ओबीसी, एससी और एसटी समाज के सभी लोगों से भावनात्मक अपील की है कि वे सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर बाबू सभागार में आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और सामाजिक एकता, भाईचारे तथा राजनीतिक जागरूकता का एक सशक्त संदेश पूरे प्रदेश में प्रसारित करें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक विरासत, सामाजिक समरसता और सामूहिक शक्ति को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे हर वर्ग के लोगों को मिलकर भव्य और ऐतिहासिक बनाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे आगे बढ़कर इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं, क्योंकि युवा शक्ति ही किसी भी समाज और राज्य की दिशा और दशा तय करती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बिहार में एक मजबूत, समावेशी और विकासोन्मुख सरकार के निर्माण में योगदान देना हम सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए सभी लोग एकजुट होकर अपनी एकता का परिचय दें और नीतीश कुमार जी तथा सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व को मजबूती प्रदान करें। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि पाटलिपुत्र, जो सम्राट अशोक की ऐतिहासिक धरती रही है और मौर्य साम्राज्य की गौरवशाली राजधानी के रूप में विश्व विख्यात है, वहां इस प्रकार का आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर और गौरव को पुनः जागृत करने का कार्य करेगा। अतः सभी लोगों से अनुरोध है कि वे इस कार्यक्रम को एक विशाल जनसैलाब में परिवर्तित करें, अपनी उपस्थिति से इसे ऐतिहासिक बनाएं और सामाजिक एकता, भाईचारे तथा शक्ति प्रदर्शन के माध्यम से बिहार के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम बढ़ाएं।

